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मेडिक्लेम 2012 पॉलिसी

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इस नीति पर कोई प्रश्न है तो इस पर हमें ईमेल भेजें:
health[dot]ho(at)newindia[dot]co[dot]in

अधिक व्यक्तिगत नीतियाँ

यह पॉलिसी कौन ले सकता है ?

यह बीमा 18 वर्ष से 65 वर्ष तक की आयु के व्यक्तियों के लिए उपलब्ध है. 3 महीने से 25 वर्ष की आयु तक के बच्चों को इस पॉलिसी में आवरित किया जा सकता है, बशर्ते जो वित्तीय रुप से अपने माता-पिता पर आश्रित हो और उनके माता-पिता में से एक या दोनों इस पॉलिसी में आवरित हों. मानसिक रुप से विकलांग बच्चे और अविवाहित बेटी की आयु के लिए कोई ऊपरी सीमा नहीं है. 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति उनकी बीमा पॉलिसी हमारे साथ जारी रख सकते है, बशर्ते कि उनकी बीमा पॉलिसी हमारे पास लगातार हो.

क्या मैं अपने परिवार के सदस्यों को एक ही पॉलिसी के अंतर्गत आवरित कर सकता हूं ?

हां. आप अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग बीमा राशि के तहत एक ही पॉलिसी में आवरित कर सकते हैं और इस पॉलिसी के कुल अदा किए जाने के प्रीमियम पर आपको 10 की पारिवारिक छूट दी जाएगी.

परिवार के वे सदस्य जिन्हें पॉलिसी के तहत आवरित किया जा सकता है :-

  • प्रस्तावक
  • प्रस्तावक का पति/ पत्नी
  • प्रस्तावक के बच्चे
  • प्रस्तावक के माता/पिता

उपर्युक्त परिभाषा के अनुसार आप एकल बीमित राशि के तहत भी संपूर्ण परिवार को आवरित कर सकते हैं और इसके लिए निम्न दर से छूट लागू होगी :-

बीमित राशि
व्यक्तियों की संख्या कुल प्रीमियम पर छूट में
रु.3,00,000 तक रु.3,00,000 और उससे ऊपर
दो 11 13
तीन और चार के बीच 13 15
चार से अधिक 16 18

यह पॉलिसी क्या आवरित करती है ?

यह पॉलिसी बीमाधारक को भविष्य में अचानक आए अस्पताली खर्चों से सुरक्षा प्रदान करने हेतु बनाई गई हैं.

क्या यह अस्पताल के सभी खर्चों को आवरित करती है ?

नहीं. इस पॉलिसी में सभी प्रकार के अस्पताली खर्चों को आवरित नहीं किया जाता है. पहले से विद्यमान बीमारियों के कारण होने वाले अस्पताली खर्चों का समावेश इसमें नहीं है. गर्भावस्था के कारण होने वाले खर्चों का समावेश इस पॉलिसी के तहत नहीं होता. ऐसे भी अन्य मामले हैं जहां दावा देय नहीं हैं.

कुछ अपवर्जन इस प्रकार हैं :

  • बीमा लेने के 30 दिन के भीतर हुई बीमारियां.
  • कमजोरी तथा सामान्य रन डाऊन स्थितियां.
  • यौन संक्रमित बीमारियां और एचआयवी (एड्स)
  • खतना, कॉस्मेटिक शस्त्र क्रिया, प्लास्टिक शस्त्र क्रिया, जब तक कि जख्म या बीमारी के उपचार के लिए आवश्यक न हो.
  • टीकाकरण
  • गर्भावस्था और शिशु के जन्म से संबंधित बीमारियां
  • युद्ध, विदेशी शत्रु के कार्यकलाप, आयोनाईजिंग रेडिएशन और न्यूक्लियर शस्त्र
  • भारत के बाहर उपचार
  • निसर्गोपचार
  • आवासीय चिकित्सा
  • प्रायोगिक तौर पर या अप्रमाणित उपचार
  • सभी बाह्य उपकरण, जैसे कान्टेक्ट लेन्स, श्रवण यंत्र आदि

अस्पताल में किए गए भुगतान जैसे कि सेवा कर, सर चार्ज, बाह्य अथवा चिकित्सा हेतु टिकाऊ उपकरण आदि खर्च अदा नहीं किए जाएंगे. उपर्युक्त उल्लिखित अपवर्जन संपूर्ण नहीं है. ''इस पॉलिसी के अपवर्जन'' खण्ड के तहत पॉलिसी के अपवर्जनों का उल्लेख किया गया है. पॉलिसी में क्या आवरित नहीं किया गया है को जानने के लिए आप अपवर्जन की सूची देख सकते हैं.

पूर्व विद्यमान बीमारी क्या हैं ?

पॉलिसी में पूर्व रुप से विद्यमान बीमारी / स्थिति को परिभाषित किया गया है. उसकी परिभाषा इस प्रकार हैं :-

"कोई स्थिति, बीमारी अथवा जख्म या उससे संबंधित स्थितियां जिसके संकेत / लक्षण बीमाधारक में विद्यमान हों और / अथवा उसका रोग निदान किया गया हो और / अथवा बीमाधारक ने उसके लिए चिकित्सकीय परामर्श अथवा ईलाज करवाया हो. यह बीमाधारक द्वारा हमसे ली गई पहली पॉलिसी के मामले में पॉलिसी जारी होने की तारीख के 48 महिने पहले की अवधि से लागू होगा"

यदि आपको

  1. लक्षण अथवा संकेत हैं अथवा
  2. आपका रोग निदान किया गया हो अथवा आपको वैद्यकीय सलाह मिली हो अथवा
  3. हमसे पहली पॉलिसी लेने की तारीख से 48 महिने की अवधि के अंतर्गत किसी स्थिति अथवा बीमारी का ईलाज किया गया हो.

ऐसी स्थिति अथवा बीमारी को पूर्व रुप से विद्यमान माना जाएगा. ऐसी किसी पूर्व विद्यमान स्थिति अथवा बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होने के समय आने वाले खर्चों को पॉलिसी में आवरित नहीं किया गया है.

दावा पाने के लिए क्या अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है ?

हां. जब तक बीमाधारक को अस्पातल में भर्ती करने की स्थिति के लिए आश्वस्त नहीं किया जाता, तब तक इस पॉलिसी के तहत दावा देय नहीं होगा. पॉलिसी बाह्य मरीजों के ईलाज को आवरित नहीं करती.

बीमित व्यक्ति को कितनी अवधि के लिए अस्पताल में भर्ती करना आवश्यक है ?

पॉलिसी के तहत अस्पताल का खर्च केवल तब ही देय है जब बीमाधारक को 24 घण्टे से अधिक की अवधि के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया हो. परंतु कुछ बीमारियों के ईलाज के लिए मरीज को अस्पताल में 24 घण्टे से कम की अवधि के लिए भर्ती रहना पडता है. उन बीमारियों का उल्लेख पॉलिसी में किया गया है. विस्तृत जानकारी के लिए कृपया पॉलिसी के क्लॉज 2.11 को देखे.

अस्पताल में भर्ती होने के पश्चात् मुझे क्या करना चाहिए ?

अस्पताल में भर्ती होने के तुरंत बाद अथवा 24 घण्टे के अंदर कृपया तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) को इसकी जानकारी दें. टीपीए को आपकी पॉलिसी का क्रमांक, अस्पताल का नाम तथा लिए जा रहे ईलाज की जानकारी भी देनी होगी. यह पॉलिसी की एक महत्वपूर्ण शर्त है जिसका अनुपालन अनिवार्य रुप से किया जाना चाहिए.

अस्पताल में भर्ती होने के पहले खर्चे क्या देय हैं ?

हां. अस्पताल में भर्ती होने से 30 दिन पहले के प्रासंगिक खर्चे देय है. प्रासंगिक चिकित्सकीय खर्चों का तात्पर्य उन खर्चों से हैं जिस बीमारी के ईलाज के लिए मरीज को अस्पताल में भर्ती किया गया हो.

अस्पताल में भर्ती होने के पश्चात् के खर्चे क्या देय हैं ?

हां. अस्पताल से छुट्टी मिलने की तारीख से 60 दिनों के अंदर ईलाज पर हुए प्रासंगिक चिकित्सकीय खर्चों का भुगतान किया जाएगा. प्रासंगिक चिकित्सकीय खर्चों का तात्पर्य उन खर्चों से हैं जिस बीमारी के ईलाज के लिए मरीज को अस्पताल में भर्ती किया गया हो.

क्या मैं कहीं भी ईलाज करवा सकता हूं ?

पॉलिसी के तहत केवल भारत में ही ईलाज को आवरित किया जाता है. भारत में भी यदि आपने क्षेत्र 4 को लागू होने वाले प्रीमियम की दर से प्रीमियम अदा किया है और ईलाज क्षेत्र 1, 2 अथवा 3 वाले क्षेत्र में किया है तो स्वीकार्य दावे का 80 ही अदा किया जाएगा. यदि क्षेत्र 3 के लिए प्रीमियम अदा किया है और दावा क्षेत्र 1 अथवा 2 में किया गया है तो दावा 80 तक ही अदा किया जाएगा. यदि प्रीमियम क्षेत्र 2 के लिए अदा किया गया है और दावा क्षेत्र 1 में किया गया है तो दावा 80 प्रतिशत तक ही दिया जाएगा.

प्रत्येक क्षेत्र को निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया है . (नीचे दिए गए शहरों में शहरी समूह भी शामिल है)
क्षेत्र - 1 बृहद मुंबई
क्षेत्र - 2 दिल्ली और दिल्ली एनसीआर, बेंगलुरु, चेन्नै, हैदराबाद और सिकन्दराबाद, अहमदाबाद, कोलकाता और वड़ोदरा
क्षेत्र - 3 शेष भारत (क्षेत्र 1, 2 और 4 में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों को छोडकर)
क्षेत्र - 4 बिहार, उडीसा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा, झारखण्ड, सिक्किम, छत्तीसगढ, उत्तराखण्ड, जम्मू और काश्मीर

इसलिए यह आपके हित में है कि आप योग्य क्षेत्र व अपनी इच्छानुसार बीमा आवरण का चुनाव करते हुए प्रीमियम अदा करें.

किसी बीमाधारक के मामले में कटौती पॉलिसी के क्लॉज 3.2(इस दस्तावेज के पैरा 32 को देखे) तथा 3.3 (आवरित क्षेत्र के बाहर ईलाज के लिए कटौती) के अनुरुप होगी. दोनों सिलसिलेवार चालू रहेंगी. ऐसे एक दावे का उदाहरण जिसमें दोनों स्थितियां स्वीकार्य हैं -- यदि स्वीकार्य दावे की राशि रु.10,000/- हैं तो 3.2 क्लॉज के तहत 20 की कटौती होगी (उनके लिए लागू जो 55 वर्ष की आयु में पॉलिसी लेते हैं) और इस स्वीकार्य दावे की राशि रु.8,000/- पर और 20 की कटौती होगी जो कि 3.3 क्लॉज के तहत लागू होगी (आवरित क्षेत्र के बाहर ईलाज) और देय राशि केवल रु.6,400/- होगी.

अस्पताल में भर्ती होने पर देय खर्चे की कोई सीमा निर्धारित है ?

हां. हम अस्पताल में भर्ती होने तक देय खर्च एक सीमा तक ही अदा करेंगे जिसे कि बीमा राशि के नाम से जानते हैं. यदि बीमाधारक को एक से अधिक बार अस्पताल में भर्ती किया गया हो तो ऐसे मामलों में निम्नलिखित सभी राशियों का कुल योग अदा किया जाएगा बशर्ते वह बीमा राशि से अधिक न हो.

  1. अस्पताल में भर्ती सभी मामलों के संबंध में
  2. अस्पताल में भर्ती होने से पूर्व किए गए चिकित्सकीय व्यय
  3. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद किए गए चिकित्सकीय व्यय
  4. पॉलिसी के तहत किए गए अन्य कोई भुगतान

मेडीक्लेम 2012 पॉलिसियों के लिए प्रत्येक बीमित व्यक्ति के लिए अलग बीमा राशि होगी. पारिवारिक मेडीक्लेम पॉलिसियों में बीमा राशि सभी आवरित व्यक्तियों के लिए है. पारिवारिक मेडीक्लेम 2012 पॉलिसियों में एक बीमाधारक व्यक्ति को किए गए भुगतान से सभी बीमाधारक व्यक्तियों की बीमा राशि घट जाएगी. पारिवारिक मेडीक्लेम 2012 पॉलिसी के तहत पॉलिसी की चालू अवधि में सभी बीमाधारक व्यक्तियों के सभी दावों का कुल भुगतान बीमा राशि से अधिक नहीं होना चाहिए.

मैं कौनसी बीमा राशि चुनाव कर सकता हूं ?

आप रु.1,00,000/- से रु.8,00,000/- के बीच किसी भी बीमा राशि का चुनाव कर सकते हैं. ऐसे व्यक्ति जो 55 वर्ष की आयु में मेडीक्लेम 2012 पॉलिसी लेते हैं उनकी बीमा राशि रु.1,00,000/- से रु.3,00,000/- के बीच हो सकती हैं. आपके द्वारा अदा किया गया प्रीमियम आपकी उम्र, बीमा राशि और बीमा आवरित करने वाले क्षेत्र पर निर्भर करता है. आप उपर्युक्त में से किसी भी बीमा राशि का चुनाव कर सकते हैं. परंतु यह आपके अपने हित में है कि आप किस बीमा राशि का चुनाव करते हैं जो कि आपकी न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की जरुरतों को भी पूरा कर सके. इसका स्पष्टीकरण पॉलिसी के क्लॉज 22 में किया गया है.

पॉलिसी कब तक वैध होगी ?

पॉलिसी के साथ संलग्न सूची में उल्लिखित बीमा अवधि के दौरान पॉलिसी वैध होगी. सामान्यत: यह बीमा आरम्भ होने की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए वैध होगी.

वर्तमान पॉलिसी के समाप्त होने पर क्या पॉलिसी का नवीनीकरण किया जा सकता है ?

हां. आप पॉलिसी का नवीनीकरण कर सकते है. पॉलिसी की निरन्तरता से आपको सभी लाभ मिलते रहें इसलिए आपको वर्तमान पॉलिसी समाप्त होने के पहले पॉलिसी का नवीनीकरण करवा लें. उदाहरण के लिए यदि आपकी पॉलिसी 2 अक्तूबर, 2011 से आरम्भ होकर 1 अक्तूबर, 2012 को समाप्त होती है तो आप 1 अक्तूबर,2012 तक या उससे पहले प्रीमियम अदा कर पॉलिसी का नवीनीकरण कर सकते हैं.

निरन्तरता लाभ क्या है ?

कुछ ऐसे ईलाज हैं जिनका भुगतान तब ही किया जाता है जब बीमाधारक ने एक निर्धारित अवधि के लिए लगातार उस बीमा का आवरण लिया हो. उदाहरण के तौर पर मोतिया बिन्दु का बीमा आवरण केवल तब ही दिया जाता है जब उसका बीमा लगातार 24 माह की अवधि के लिए किया गया हो. यदि बीमाधारक अक्तूबर, 2008 में बीमा पॉलिसी लेता हैं और उसका नवीनीकरण समय पर नहीं करता तथा दिसम्बर, 2009 में वह उसका नवीनीकरण करता है और वर्ष 2010 में दिसम्बर माह में समय पर उसका नवीनीकरण करता है तब ऐसी स्थिति में मोतिया बिन्दु से संबंधित दावे का भुगतान नहीं किया जा सकता क्योंकि बीमाधारक ने लगातार 24 महिनों की अवधि के लिए लगातार बीमा पॉलिसी नहीं ली थी. यदि बीमाधारक ने अक्तूबर, 2009 और अक्तूबर, 2010 में समय पर पॉलिसी का नवीनीकरण किया होता तो उसे लगातार 24 महिने की अवधि के लिए बीमा के तहत आवरित माना जाता और अक्तूबर, 2010 के आरम्भ में उसका मोतिया बिन्दु का दावा देय हो पाता. पॉलिसी के तहत अन्य लाभ जैसे कि हेल्थ चेक अप की लागत, नो-क्लेम बोनस के लिए लगातार बीमा पॉलिसी का होना अनिवार्य है. इसलिए आप हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आप पॉलिसी समाप्ति के पहले अपना नवीनीकरण प्रीमियम अदा करें. इसके अलावा दावा न होने पर छूट अथवा क्युम्युलेटिव बोनस बफर जैसी सुविधाओं का लाभ केवल तब ही मिल पाएगा जब पॉलिसी का नवीनीकरण समय पर किया गया होगा.

संचित बोनस बफर क्या है ?

पिछले वर्ष में अर्जित संचयी बोनस / एस इस नीति में संचयी बोनस बफर के रूप में उपलब्ध हो जाएगा। संचयी बोनस बफर नवीकरण पॉलिसी की समाप्ति के तीस दिनों के भीतर ओ, पहले प्रभावित है ही अगर अगले साल के लिए खत्म किया जा सकता है। यह पूरी तरह से उपयोग किया जाता है जब तक और जब तक सीबी बफर आगे किया जाएगा.

नो-क्लेम छूट क्या है ?

यदि आपने पिछले वर्ष पॉलिसी का बीमा हमसे करवाया है तथा उस वर्ष के लिए कोई दावा दर्ज नहीं किया गया है तब पॉलिसी के नवीनीकरण के समय हम देय प्रीमियम पर छूट देते हैं. इस छूट नो-क्लेम छूट कहते है. मेडीक्लेम 2012 के तहत यह छूट दावा रहित अनुभव वाले वर्षों के लिए ही लागू होगी. मेडीक्लेम 2007 पॉलिसी के तहत दावा रहित अनुभव को नो-क्लेम छूट नहीं समझा जाएगा. नो-क्लेम छूट संबंधी विवरण इस प्रकार :-

- आयु 60 वर्ष या उससे कम 60 वर्ष से अधिक आयु
प्रति वर्ष छूट की दर ( ) अधिकतम छूट ( ) प्रति वर्ष छूट की दर ( ) अधिकतम छूट ( )
रु.3,00,000/- से कम बीमा राशि 2 10 3 15
रु.3,00,000/- तक अथवा उससे अधिक बीमा राशि 3 15 3 15

नो-क्लेम छूट तब ही मिल पाएगी जब समाप्त पॉलिसी के तहत कोई दावा नहीं किया गया हो तथा पॉलिसी समाप्ति अवधि के पहले नवीनीकृत की गई हो.

यदि दावा दर्ज किया गया है तो नो-क्लेम छूट का क्या होगा ?

यदि वर्तमान वर्ष में दावा दर्ज किया गया है तो अगले वर्ष के लिए नो-क्लेम छूट नहीं दी जाएगी. यदि छोटी राशि के लिए भी दावा किया जाता है तब भी अगले वर्ष नो-क्लेम छूट नहीं दी जाएगी.

संचित बोनस बफर का उपयोग कब किया जा सकता है ?

यदि एक वर्ष की अवधि के दौरान एक अथवा अनेक दावों की कुल राशि बीमा राशि से अधिक हो जाती है तब भुगतान बीमा राशि से परे समझा जाएगा परंतु संचित बोनस बफर की सीमा तक ही. उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति की बीमा राशि रु.1,00,000/- है तथा उसका क्युम्युलेटिव बफर रु.30,000/- है, उस वर्ष के दौरान कुल भुगतान की राशि बीमा राशि से अधिक हो जाती है तब हम बीमाधारक को स्वीकार्य दावा रु.1,30,000/- तक की राशि के लिए ही देंगे चाहे उसने सिर्फ रु.1,00,000/- की बीमा राशि ही क्यों न ली हों. पॉलिसी में विनिर्दिष्ट किसी राशि की सीमा का अनुमान लगाने के उद्देश्य से संचित बोनस बफर को बीमा राशि का हिस्सा नहीं समझा जाए.

क्या पॉलिसी के नवीनीकरण के लिये किसी प्रकार के रियायत अवधि की सुविधा है ?

जी हाँ यदि पिछली पॉलिसी की समाप्ति के तीन दिन की अवधि के अंदर पॉलिसी नवीनीकृत की जाती है तब पॉलिसी के तहत दिये जानेवाले निंरतरता लाभ प्रभावित नहीं होंगे. परंतु यदि पिछली पॉलिसी की समाप्ति के तीन दिन की अवधि के अंदर पॉलिसी नवीनीकृत की जाती है तब यदि बीमा पॉलिसी में बे्रक के दौरान किसी बीमारी के संपर्क में आते हैं या घाव होता है या अस्पतालीकरण होता है तो वह आवरित नहीं है.अत: यह आप के हित में होगा कि पॉलिसी का नवीनीकरण उसकी समाप्ति से पूर्व कर लिया जाए.

क्या पॉलिसी नवीनीकरण के समय बीमा राशि में बढ़ोतरी की जा सकती है ?

पॉलिसी नवीनीकरण के समय बीमा राशि में बढ़ोतरी की विनती को हम स्वीकार कर सकते हैं. परंतु यदि हम यह महसूस करते हैं कि व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा नहीं है तब हम ऐसी विनती को मानने के लिए बाध्य नहीं हो सकते. इसके अतिरिक्त ऐसे व्यक्ति जिनकी उम्र 45 वर्ष से अधिक है और उनके द्वारा की गयी ऐसी विनती चिकित्सकीय परीक्षण जाँच के तहत ही स्वीकार की जायेंगी और इसके जाँच के लिये आपको कुछ समय निकालना होगा और पैसे भी खर्च करने पडेग़े. (यदि जोखिम को स्वीाकर कर लिया जाता है तब चिकित्सकीय जांच की लागत का 50 राशि की प्रतिपूर्ति की जायेगी) इसके अलावा किसी भी व्यक्ति के लिये बीमा राशि में वृद्धि नहीं की जायेगी जो पिछले दो वर्षों में अस्पताल में भर्ती हुआ है और साथ ही इस बात का भी विचार नहीं किया जायेगा कि ऐसे किसी अस्पतालीकरण की वजह से दावा दर्ज किया गया है या नहीं 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिये बीमा राशि में बढ़ोतरी नहीं की जा सकती, इसलिये यह आपके हित में है कि आप इतनी बीमा राशि के लिये बीमा लेैं जो कि आपकी वर्तमान जरुरतों को ही नहीं बल्कि भविष्य की भी जरुरतों को पूरा कर सके. बीमा राशि की बढ़ोतरी संबंधी सभी निवेदनों के प्रस्ताव पत्रो में सभी विवरण भरकर दिए जाने चाहिए.

परिशिष्ट 1 के अनुसार मेडीक्लेम 2007 से मेडीक्लेत 2012 में स्थानांतरण पर बिना चिकित्सीय जांच के बीमा राशि बढ़ाने का अवसर दिया जाएगा.

प्रविष्टि लोड क्या है ?

ऐसा व्यक्ति जो मेडीक्लेम 2012 या पारिवारिक मेडिक्लेम 2012 पॉलिसी पहली बार ले रहा है और जिसकी उम्र 45 वर्ष से अधिक है उससे प्रविष्टि लोड प्रभार से निम्न विवरणानुसार लिया जायेगा.

बीमा राशि 45 तक 45-50 51-55 56-60 61-65
5 लाख तक 0 0 1000 1500 2000
3 लाख से 5 लाख तक 0 2000 4000 पात्र नहीं पात्र नहीं
5 लाख से अधिक 0 2000 4000 पात्र नहीं पात्र नहीं

क्या पॉलीसी के नवीनीकरण हेतु कोई आयु सीमा निर्धारित है ?

नहीं, आप अपनी पॉलिसी की समाप्ति तारीख के पहले नवीनीकरण प्रीमियम अदा कर जितने समय तक चाहें पॉलिसी नवीनीकृत कर सकते हैं. नई पॉलिसी लेने के लिए आयु की सीमा है परंतु उसके नवीनीकरण के लिए ऐसी कोई सीमा निर्धारित नहीं है. यदि आप पॉलिसी की समाप्ति के पहले अथवा पॉलिसी की समाप्ति की तिथि से 30 दिन के अंदर पॉलिसी का नवीनीकरण नहीं करते तब उस पॉलिसी का नवीनीकरण नहीं किया जायेगा और बीमा लेखन नियमों के अधीन केवल नई पॉलिसी ही जारी की जाएगी. ऐसे मामलों में यह भी संभावना बनी रहती है कि हमारे द्वारा नई पॉलिसी जारी न की जाए. अत: यह आपके हित में है कि आपकी पॉलिसी, पॉलिसी समाप्ति की तिथि से पहले नवीनीकृत की जाए.

क्या बीमा कंपनी पॉलिसी नवीनीकृत करने से मना कर सकती है ?

हम बहुत कम मामलों में ही पॉलिसी को नवीनीकृत करने से मना कर सकते हैं जैसे कि धोखाधाड़ी, गलत बयानी अथवा तथ्यों के छुपाए जाने या आपके द्वारा असहयोग या आपकी ओर से किसी अन्य द्वारा पॉलिसी प्राप्त करने का प्रयत्न करने या जो इससे संबंधित है.यदि हम आपको यह पॉलिसी नहीं बेचते हैं, तब यह संभव नहीं कि यह पॉलिसी उन्हीं शर्तों व प्रतिबंधों के तहत नवीनीकृत की जा सके. ऐसे मामलों में आपके पास यह विकल्प होगा कि आप कंपनी की ऐसी किसी समान पॉलिसी के तहत उसे नवीनीकृत कर सकें. बशर्ते उस पॉलिसी के तहत दिये जाने वाले लाभ उस पॉलिसी की शर्तों के अधीन हों.

क्या मैं पॉलिसी लेने के तुरंत पश्चात दावा कर सकता हूँ?

नई बीमा पॉलिसी लेने के 30 दिनों के भीतर किसी भी बीमारी से संबंधित दावा नहीं किया जा सकता. हालांकि, दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती के मामले में पहले 30 दिन की अवधि में वे दावों का भुगतान किया जाएगा. ऐसे कई इलाज जहाँ प्रतीक्षा अवधि 2 से 4 वर्ष है. कृपया पॉलिसी शर्तों --- 4.3.1, 4.3.2 तथा 4.4.6.2 को देखें.

तृतीय पक्ष प्रशासक (टी.पी.ए.) क्या है?

आपकी पॉलिसी के विस्तार के तहत आनेवाले सभी अस्पतालों में कॅशलेस सुविधा की सेवा प्रदान करनेवाली संस्था तृतीय पक्ष प्रशासक (टी.पी.ए.) कहलाती है.टीपीए आपकी पॉलिसी की सीमा में आनेवाले दावे का पुनर्भुगतान भी करता है.

कैश-लेस अस्पतालीकरण क्या है?

कैश-लेस के अस्पतालीकरण ऐसी सेवा है जो टीपीए द्वारा हमारे एवज में प्रदान की जाती है जिसके तहत यह जरूरी नहीं कि अस्पताल के खर्चों का निपटान अस्पताल से छुट्टी मिलने के समय आपके द्वारा निपटाया जाए. हमारी तरफ से टीपीए द्वारा दावे का निपटान किया जाता है परंतु ऐसे खर्चे जो पॉलिसी के तहत स्वीकार्य नहीं है उनका भुगतान नहीं किया जायेगा और आपको ऐसे सभी अस्वीकार्य खर्चों का भुगतान अस्पताल को करना होगा. कैश-लेस सुविधा सिर्फ नैटवर्क वाले अस्पतालों में ही उपलब्ध है. मरीज को नैटवर्क अस्पताल में भर्ती करने के पहले टीपीए की पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता है. आपको इसके लिए हमारी वैबसाईट http://newindia.co.in/list_of_hospitals.asp देख सकते है. टीपीए से या उनकी वेबसाईट से नेटवर्क अस्पतालों की सूची प्राप्त की जा सकती है. आप नेटवर्क अस्पतालों में से कसी भी अस्पताल का चयन कर सकते हैं. बशर्ते आपका दावा स्वीकार्य हो और इसके लिये आपको बीमा व अपनी पहचान का प्रमाण देना होगा. टीपीए ऐसे किसी अस्पताल के लिए कैश-लेस सुविधा देने में अपनी सहमति नहीं देगा जो अस्पताल के नेैटवर्क में नहीं है . ऐसे मामलों में आप अपनी पसंद के किसी भी अस्पताल में इलाज करवा सकते है और पॉलिसी की शर्तों व प्रतिबंधों के तहत दावे की प्रतिपूर्ति के लिये आवेदन कर सकते हैं . ऐसे मामलों में जहांॅ दावे स्वीकार्यता उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तय नहीं हो पाती तब टी.पी.ए. कैशलैस सुविधा देने से इन्कार कर सकती है चाहे इलाज नेटवर्क वाले अस्पताल में ही क्यो न करवाया गया हो. ऐसी असहमति का अर्थ दावे को अस्वीकार करना नहीं है. आप सभी संबंधित दस्तावेज जमा कर उपगत खर्चों की प्रतिपूर्ति प्राप्त कर सकते हैं और टीपीए दावे का भुगतान कर सकता है. यदि आपका दावा पॉलिसी की शर्तों व प्रतिबंधों के अधीन है.

मक्या इलाज के दौरान मैं अस्पताल बदल सकता हूँ?

हाँ, यह संभव है कि मरीज को बेहतर चिकित्सिकीय सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में स्थानान्तरित किया जा सकता है. हालांकि इसका मूल्यांकन टीपीए द्वारा मामले की प्राथमिकता और पॉलिसी शर्तों और नियमों के आधार पर किया जायेगा.

नॉन-नेटवर्क अस्पताल में चिकित्सा या कैश-लेस सुविधा की अस्वीकृती के मामले में प्रतिपूर्ति कैसे ली जा सकती है ?

नेटवर्क के अलावा अन्य अस्पतालों में चल रहे/किये जा रहे इलाज वाले मामलों में पॉलिसी की शर्तों के अधीन बिल की राशि की प्रतिपूर्ति टी.पी.ए. द्वारा की जायेगी. आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि अस्पताल जहाँ आपका इलाज चल रहा है वह (अस्पताल) पॉलिसी में दी गयी अस्पताल की परिभाषा में दी गयी शर्तों को पूर्ण करे. मरीज को अस्पताल में भर्ती करने के 24 घंटो के अंदर ही टी पी ए को सूचित किया जाना चाहिए. अस्पताल से छुटी मिलने की तारीख से 7 दिनों के अंदर निम्नलिखित दस्तावेज जमा किये जाने चाहिए :

  • • दावेदार द्वारा पूर्ण रूप से भरा गया दावा फार्म.
  • • अस्पताल से प्राप्त डिस्जार्ज प्रमाणपत्र / सर्टिफिकेट
  • • प्रथम बार बीमारी का पता चलने से अब तक बीमारी से संबंधित सभी कागजात- जेैसे कि डॉक्टर की परामर्श रिपोर्ट/ बीमारी की पूर्ण जानकारी
  • • अस्पताल द्वारा समर्पित डॉ. की चिठ्ठी के साथ बिल, रसीदे, कैश मेमोज
  • • नैदानिक जाँच, व रसीदे जिसके साथ मैडिकल पेै्रक्टीशनर की रिपोर्ट व नोट भी हो जो ऐसी नैदानिक जाँच को सही ठहराता हो.
  • • सर्जन का प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट)जिसमें की गयी शल्य क्रिया(ऑपरेशन )के बारे में लिखा हो तथा सर्जन के बिल व रसीद.
  • • निदान से संबंधित उपस्थित डॉक्टर / परामर्शदाता/ विशेषज्ञ / एैनीस्थेटिक के बिल व रसीदें.
  • • पिछली पॉलिसियों का विवरण यदि टीपीए के पास नहीं है तथा ऐसी अन्य आवश्यक जानकारी जो दावा के लिए विचारणीय है.

अस्पताल में भर्ती पूर्व और पश्चात् के खर्चों की प्रतिपूर्ति कैसे प्राप्त की जा सकती है ?

अस्पताल में भर्ती होने के पूर्व और पश्चात् के चिकित्सकीय खर्चों की प्रतिपूर्ति पॉलिसी के तहत निर्धारित दिनों तक ही दी जाती है. प्रतिपूर्ति हेतु आपको सभी मूल बिल (ओरिजनल),आवश्यक दस्तावेजों के साथ डिस्चार्ज समरी की प्रति, टीपीए को ऑथराइजेशन हेतु लिखा पत्र आपको टीपीए के पास भेजने होंगे. इलाज पूर्ण होने की तिथि के पश्चात सात दिन के अंदर आपको उक्त बिल भेजने होंगे. जरुरत पड़ने पर आपको टीपीए को दावे से संबंधित अतिरिक्त जानकारी व सहयोग भी देना पड़ेगा.

क्या दावा खर्च की पूर्ण राशि देय होगी ?

पॉलिसी में वर्णित वर्जित खर्चों को छोड़कर दावे की पूर्ण राशि अदा की जा सकती है यदि वह निर्धारित बीमा राशि तक ही सीमित हो तथा वह पॉलिसी में वर्णित अस्पताल की परिभाषा के अनुरूप हो तथा उसके साथ योग्य दस्तावेज भी जोड़े गये हों. ऐसे व्यक्ति जो 55 साल से अधिक आयु होने पर मेडीक्लेम 2012 पॉलिसी लेते है और वे लगातार बीमा पॉलिसी के तहत आवरित नहीं है ऐसे मामलों मे हम दावे की राशि की 80 राशि ही अदा करेगें ओर यह तब तक जारी रहेगा जब तक कि बीमाधारक चार वर्ष तक लगातार क्लेम फ्री (बिना दावे) के बीमा आवरण प्राप्त नहीं कर लेता.

क्या कोई दावा अस्वीकृत अथवा नकारा जा सकता है ?

जी हां, यदि दावा पॉलिसी शर्तों के तहत आवरित नहीं है तब ऐसे दावे को अस्वीकार किया जा सकता है. यदि आप दावे को अस्वीकृत किये जाने वाले कारण से संतुष्ट नहीं है तो आप 15 दिन की अवधि के भीतर हमारे पास निवेदन कर सकते हैं. यदि आपको अपने निवेदन के लिए हमसे कोई उत्तर प्राप्त नहीं होता है अथवा आप हमारे उत्तर से संतुष्ट नहीं है तो आप शिकायत कक्ष को लिख सकते हैं. शिकायत कक्ष से संबंधित विवरण हमारी वेबसाईट http:// newindia.co.in/public.asp पर उपलब्ध है. आप हमारे कॉल सेंटर के टोल फ्री नं. 1800-209-1415 पर फोन भी कर सकते है जो कि 24 घंटे चालू रहती है.

आप अपना निवेदन इश्योरेंस ऑब्डसमैन के पास भी दे सकते हैं. इश्योरेंस ऑब्डसमैन के कार्यालय से संबंधित विवरण http:// ww/orda/gov.in//ADMINCMS/cms/Normal Data Layout.aspx? page = page no.2342 mia = 7.2 से प्राप्त कर सकते हैं.

क्या मै पॉलिसी रद्द कर सकता /सकती हूँ?

जी हां, पॉलिसी रद्द करने के कारण लौटाया जानेवाला प्रिमियम पॉलिसी की शेष अवधि (अनएैक्सपयरड टर्म) के अनुपात में नहीं होगा. ऐसे प्रीमियम की वापसी केवल तब की जायेगी जब उस पॉलिसी के तहत कोई दावा नहीं किया गया हो अथवा किसी दावे का भुगतान नहीं किया गया हो. प्रीमियम की वापसी के लिए अल्प अवधि की दर (शॅार्ट पीरियड रेट)लागू होगी और अल्प अवधि के दर नीचे सूची में दी गयी है.

एक महीने तक वार्षिक दर का1/4
तीन महीने तक वार्षिक दर का 1/2
छह महीने तक वार्षिक दर का 3/4
छह महीनों से अधिक पूर्ण वार्षिक दर

गलत बयानी, धोखाधड़ी, तथ्यों को छिपाना अथवा आपके द्वारा असहयोग आदि आधार पर हम, 15 दिनों के अंदर लिखित रुप से नोट जारी कर पॉलिसी र कर सकते हैं. पॉलिसी र करिने का नोटिस रजिस्टर्ड ए.डी. द्वारा पॉलिसी में दिये गये पते पर आपको भेज दिया जाएगा.

ऐसे र किये गये मामलों में बीमा पॉलिसी की शेष अवधि ( अनएक्सपायर्ड पिरियड ) के लिए प्रीमियम लौटाया जाएगा. यदि पॉलिसी के तहत कोई दावा नहीं किया गया हो.

इस बीमा के लिए अदा किये गये प्रीमियम के लिए आयकर अधिनियम के तहत कोई है क्या ?

जी हां. नकद प्रीमियम को छोड़कर अन्य तरीके से अदा किये गये स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम आयकर अधिनियम, 1961 के खंड 80 डी के अनुसार टैक्सेबल आय में कटौती का हकदार है. विस्तृत जानकारी के लिए कृपया आयकर अधिनियम का संबंधित खंड देखें.

परिशिष्ट । बीमा राशि में वृद्धि हेतु व्यवस्था

मेडिक्लेम 2007 से मेडिक्लेम 2012 में अंतरण के समय पर
आयु 45 तक 46-55 56-65 65 से अधिक
वर्तमान बीमा राशि बिना दावा या अस्पतालीकरण के पूर्व 2 वर्ष
500000 हां. रु. आठ लाख तक हां. रु. आठ लाख तक बिना मेडिकल जांच के हां. रु. आठ लाख तक बिना मेडिकल जांच के हां. रु. आठ लाख तक बिना मेडिकल जांच के
500000से कम परंतु300000से अधिक या बराबÀ हां. रु. आठ लाख तक हां. रु. आठ लाख तक बिना मेडिकल जांच के हां. रु. पाच लाख तक बिना मेडिकल जांच के हां. रु. पाच लाख तक बिना मेडिकल जांच के
300000 से कम हां. रु. आठ लाख तक हां. रु. पाच लाख तक बिना मेडिकल जांच के हां. रु. तीन लाख तक बिना मेडिकल जांच के हां. रु. तीन लाख तक बिना मेडिकल जांच के
मेडीक्लेम2012के अंतर्गत अनुवर्ती नवीनीकरण
आयु 45 तक 46-55 56-65 65 से अधिक
वर्तमान बीमा राशि बिना दावा या अस्पतालीकरण के पूर्व 2 वर्ष
500000 हां. रु. आठ लाख तक हां. रु. आठ लाख तक बिना मेडिकल जांच के हां. रु. आठ लाख तक मेडिकल जांच सहित कोई वृद्धि नहीं
500000 से कम परंतु 300000 से अधिक या बराबर हां. रु. आठ लाख तक हां. रु. पाच लाख तक बिना मेडिकल जांच के हां. रु. पाच लाख तक मेडिकल जांच सहित कोई वृद्धि नहीं
300000 से कम हां. रु. आठ लाख तक हां. रु. तीन लाख तक बिना मेडिकल जांच के हां. रु. तीन लाख तक मेडिकल जांच सहित कोई वृद्धि नहीं
टोल फ्री: 1800-209-1415
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